गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु से आशीर्वाद लेने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता

गुरुर ब्रह्मा, गुरुर विष्णु, गुरुर देवो महेश्वरः


गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः


मंगलवार को भारतवर्ष के साथ गुरु पर्व का महोत्सव पुरे संसार में बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया. क्योंकि गुरु का  दर्जा हमारे समाज में भगवान से भी सर्वोपरी माना जाता है. इसलिए इस पर्व पर सभी लोग अपने-अपने गुरुओं के स्थान पर पहुंचकर उनका आशीर्वाद लेते हैं. जैसे की करावल नगर के हनुमान मंदिर में महंत नवल किशोर दास रामायणी महाराज के यहां हुआ. जहां 16 जुलाई यानि की गुरु पर्व के मौके पर सुबह से ही भक्तों का तांता लग गया.



जिसमें की गुरु को मनाने के लिए भाजपा उत्तर पूर्वी जिला अध्यक्ष अजय महावर, यमुना विहार पार्षद प्रमोद गुप्ता पहुंचे. और साथ ही यमुना विहार छठ सेवा समितिक अध्यक्ष शशी शेखर सिंह, पूर्वी दिल्ली नगर निगम ईस्ट करावल नगर वार्ड के पार्षद पुनीत शर्मा और उनकी माताजी ब्रिज रानी शर्मा ने भी अपने गुरु महंत नवल किशोर दास रामायणी से आशीर्वाद लिया. वहीं महिलाएं इस पावन अवसर पर अपने गुरु के लिए भजन-कीर्तन भी करती है.



व्यक्ति के जब संसार में सभी मार्ग बंद हो जाते हैं तब वह गुरु के पास जाता है जो उन्हें सही मार्गदर्शन दिखा उस पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं. इस दुनिया एकमात्र गुरु ही ऐसे होते है जो इंसान के गिरने के बाद साथ देते हैं अन्यथा इस वक्त पर सब साथ छोड़ देते हैं. हमारा देश विविध परंपराओं का देश है और यहां हर मजहब और धर्म के त्यौहार मनाए जाते हैं. लेकिन यह पर्व एक अनूठा पर्व होता है. जो सभी धर्म-समाज और क्षेत्रों में मनाया जाता है गुरु पर्व- 'गुरु और शिष्य का असीम प्यार और रिश्ते का मिश्रण माना जाता है.'