खुरवेश के हत्यारे पहुंचे सलाखों के पीछे

नंद नगरी इलाके में 14 जून को दिनदहाड़े हुए दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपित व उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है. बदमाशों की पहचान मंडोली निवासी लोकेश और शामली स्थित कांधला गांव निवासी अंकुर मलिक के रूप में हुई. पुलिस ने लोकेश के पास से स्पेन निर्मित .30 बोर की स्टार पिस्टल व 8 कारतूस और अंकुर से .32 बोर की पिस्टल व 6 कारतूस बरामद किए हैं. पुलिस वारदात में शामिल लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है.



उत्तर पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि 14 जून को वजीराबाद रोड स्तिथ चार खंभा मारुति रिट्ज कार सवार बदमाशों ने सेंट्रो में सवार कुख्यात बदमाश खुरवेश पहलवान व  उसके पड़ोसी युवक कांछी की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी. वारदात के बाद लोकेश  और अंकुर भाग रहे थे तो दोनों लाल बत्ती पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए. पुलिस ने उसी फुटेज से उनकी पहचान की.


पुलिस ने घटना वाली रात को ही वारदात में शामिल लोकेश के भांजे आशु और उसके दोस्त आकाश को गिरफ्तार कर लिया था. हालांकि लोकेश और अंकुर उत्तर-प्रदेश भाग गए थे. इन्हें पकड़ने के लिए एसीपी रमेश दहिया इंस्पेक्टर विनय यादव, एसआई सतीश राणा व अन्य की टीम बनाई गई.


 टीम ने बागपत, शामली, मेरठ और सहारनपुर समेत अन्य स्थानों पर छापेमारी की. 17 दिनों की जांच पड़ताल के बाद सिपाही परीक्षित को लोकेश के नंद नगरी में आने की सूचना मिली. टीम ने सोमवार को लोकेश व उसके साथी अंकुर को इलाके से धर दबोचा. पूछताछ में लोकेश ने पुलिस को बताया कि 2015 में खुरवेश ने कुत्ते घुमाने को लेकर उसके घर के सामने पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी इलाके में काफी बेज्जती हुई थी. और खुरवेश से बदला लेने के लिए ही उसने साजिश रची. खुरवेश 13 जून को न्यू अशोक नगर में कार का एसी ठीक कराने गया था. आसू ने लोकेश को यह सूचना दे दी कि 14 जून को भी लोकेश एसी ठीक करवाने मार्केट आएगा. वारदात से एक दिन पहले ही लोकेश ने कांधला से अंकुर को बुला लिया. 14 जून को खुरवेश कांछी के साथ कार का एसी ठीक करा कर लौट रहा था, तभी लोकेश व  उसके साथियों ने उसकी हत्या कर दी थी.


 कुख्यात बदमाश था खुरवेश  


पुलिस के अनुसार, खुरवेश परिवार के साथ बी-ब्लॉक प्रताप नगर में रहता था. उसका नंद नगरी इलाके में केबल का कारोबार था. उसके खिलाफ हत्या, लूटपाट, वसूली, पुलिस टीम पर हमला समेत कुल 42 मुकदमे दर्ज थे. लोकेश पर तीन और अंकुर मलिक के खिलाफ शामली के कांधला थाने में 5 मामले दर्ज है.