भारतीय सामाजिक कार्य के प्रतीक विषय होगी राष्ट्रीय संगोष्ठी

               दिल्लीः 18 सितंबर को भारत में समाज कार्य से जुड़े संस्थानों द्वारा भारत रत्न नानाजी देशमुख के जन्मदिन 11 अक्टूबर को सामाजिक कार्यों में उनके महान योगदान की स्मृति में, भारतीय सामाजिक कार्य दिवस के रूप में मनाया जाने का निर्णय हुआ है। इसकी तारम्यता में इस वर्ष 11 अक्टूबर, 2019 को महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र  नई दिल्ली के सहयोग और भारतीय समाज कार्य परिषद  की अकाडमिक साझेदारी में नानाजी देशमुख : भारतीय सामाजिक कार्य के प्रतीक विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन कर रही है।



इस संगोष्ठी का मुख्य विषय नानाजी देशमुख के विचारों और गतिविधियों पर केंद्रित होगा, तथापि अंतःविषय, बहु-अनुशासनात्मक और ट्रांसडिसिप्लिनरी शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्य पेशेवरों, सरकारी संगठनों, विकास पत्रकारों, विकास पेशेवरों से भी शोध पत्र अपेक्षित है। संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य नानाजी देशमुख के प्रयोगों का दस्तावेजीकरण करना, उनके सामाजिक कार्य मॉडल और प्रथाओं का पता लगाना, भारत में सामाजिक कार्य शिक्षा को मजबूत करने के लिए नानाजी देशमुख के कार्य द्वारा विकसित स्वदेशी ज्ञान को शामिल करना, सामाजिक कार्यों में उनके प्रयोगों को शामिल करना, पाठ्यक्रम और उनके सामाजिक कार्य प्रथाओं, लेखन और प्रयोगों पर सिद्धांत विकसित करना है।



          प्रख्यात सामाजिक चिंतक कृष्ण गोपाल जी संगोष्ठी के मुख्य अतिथि होंगे। प्रख्यात लेखक, सामाजिक चिंतक, शिक्षक और भारतीय शिक्षण मंडल (बीएसएम) के राष्ट्रीय संगठन सचिव मुकुल कानिटकर ने संगोष्ठी के लिए मुख्य वक्ता के लिए सहमति व्यक्त की है।