हिन्दी का गौरव केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया बढ़ रहा हैः डॉ.जी.के.अरोड़ा

दिल्लीःदिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज एलुमनी क्लब और हिन्दी अकादमी के संयुक्त त्तवधान में मीडिया की भाषा का बदलता स्वरूप विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में हिन्दीअकादमी के सचिव डॉ.जीतराम भट्ट ने अपनी प्रस्तावना में हिन्दी अकादमी और मीडिया की भाषा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज हिन्दी मजबूरी की भाषा नहीं बल्कि गौरव और अभिमान की भाषा है।



       कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अंबेडकर कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जी के अरोड़ा ने हिन्दी, बाज़ारवाद और मीडिया की भाषा के बदलते स्वरूप पर अपने विचार रखे और कहा कि हिन्दी का गौरव केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया बढ़ रहा है और दुनिया उसको झुककर सलाम कर रही है। कार्यक्रम में मुख्यअतिथि के रूप में पहुंचे वरिष्ठ टीवी पत्रकार सईद अंसारी ने हिन्दी को गर्व की भाषा बताते हुए विद्यार्थियों से सही वर्तनी और सही उच्चारण के लिए कहा। वरिष्ठ पत्रकार पीयुष पांडे ने व्यंग्य के जरिय़े हिन्दी के बदलते स्वरूप को बताया। वरिष्ठ पत्रकार रघुबीर रिछारिया ने कहा कि साहित्य से लेकर सिनेमा तक सभी जगह संवाद का सबसे बड़ा सेतु बनकर सामने आती है। टीवी पत्रकार गिरीश निशाना ने मंच संचालन करते हुए हिन्दी अकादमी के विद्यार्थी जीवन में महत्व को बताते हुए मीडिया की भाषा का बदलता स्वरूप और हिन्दी की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हिन्दी में नए शब्द जुड़ते रहे हैं और पाठकों और दर्शकों के हिसाब से हिन्दी बदलती रही है। संगोष्ठी में धन्यवाद ज्ञापन पेश करते हुए एलुमनी क्लब के संयोजक डॉ. राजबीर वत्स ने भव्य आयोजन के लिए हिन्दी अकादमी का धन्यवाद पेश किया और हिन्दी समेत मीडिया की भाषा पर अपने विचार ऱखे।



 इस मौके पर एलुमनी क्लब के उपाध्यक्ष और हिन्दी अकादमी के कार्यकारिणी सदस्य निहाल सिंह, वरिष्ठ कार्यकारी सदस्य रहीसुद्दीन रिहान, विशेष आमंत्रित सदस्य मनीष, अनुप शर्मा, डॉ. एस एस चावला, डॉ. चित्रा, डॉ. मंजू, डॉ. विजेन्द्र, राकेश, विनीत, हिन्दी अकादमी से अनिल उपाध्याय, रमेश चंद्र, चंद्र प्रकाश शर्मा, जीत सिंह, विजेंद्र आदि मौजूद रहे।